डॉक्टर आपके नाखूनों पर धक्का क्यों लगाते हैं?HealthPlanet

Posted on Tue 13th Dec 2022 : 14:46

नाखून के जरिए शरीर की बहुत सी बीमारियों की जानकारी प्राप्त हो सकती है। ज्यादातर डॉक्टर मरीजों के नाखून देखकर उनके भीतर पल रहे रोगों को पहचान लेते हैं। ऐसे में, नाखूनों में सफेदी, पीले या नीले पड़ना, उनका आकार बदलना जैसे कुछ लक्षणों पर ध्यान देते रहना चाहिए ताकि समय रहते रोगों से बचाव हो सके।-

ये बदलाव दिखें तो डॉक्टर से लें सलाह

सफेद नाखून : यह प्रोटीन की कमी का परिचायक है। किडनी की खराबी, लिवर रोग जिससे प्रोटीन बनता है उसमें कमी का संकेत देता है।

सफेद नाखून के ऊपरी हिस्से में गुलाबी लाइन : यह शरीर की किसी गंभीर बीमारी, हृदय रोग, गंभीर इंफेक्शन आदि का संकेत देता है।

चम्मच आकार के नाखून : आयरन की कमी वाला एनीमिया के प्रति सावधान रहने का संकेत देता है।

नाखून में गोलाई : यह क्लब्बिंग हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी व संक्रमण के प्रति सतर्क होने का संकेत देता है।नाखून में गड्ढे : यह चमड़ी की बीमारी, सोरायसिस आदि के लक्षण बताता है।

नाखून में धारियां : यह विटामिन-बी, बी-12, जिंक की कमी कमी का दर्शाता है।

पीले नाखून : पीलिया के लक्षण बताता है।

नीले नाखून : हृदय, फेफड़ों में ऑक्सीजन कम होने से साईनोसिस होना दर्शाता है।

नाखून का अपनी सतह से (नेल बेड) से अलग होना : थायरॉयड बीमारी का संकेत है।

नाखून खराब होना : यह फंगल इंफेक्शन बताता है।

पोषण की कमी भी कारण :नाखूनों का रंग फीका पड़ना, या बेरंग होना, क्रीम या सफेद लाइन पड़ना यह पोषण की कमी या कोई बीमारी होने की ओर इशारा करते हैं।

नाखून केरोटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। हर व्यक्ति में रोगों के अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कभी-कभी जेनेटिक कारण भी हो सकते हैं। बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, हाई प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिनयुक्त आहार लेना चाहिए। इसके अलावा नींबू का रस, गुलाब जल, सिरका, लहसुन में से किसी एक चीज का इस्तेमाल नाखूनों की मालिश में करके उन्हें फंगल इंफेक्शन से बचाया जा सकता है।

चम्मच जैसे नाखून देते हैं एनीमिया का संकेत :
ज्यादातर महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया की शिकायत होती है। खासतौर से शरीर में आयरन की कमी होने से एनीमिया होता है। ऐसे में, महिलाएं खुद भी अपने नाखूनों को देखकर सतर्क हो सकती हैं। नाखूनों का सफेद, पतले व चम्मच की तरह हो जाना इसके लक्षण हैं। इस दशा को कॉइलोनीशिया (स्पून नेल) कहते हैं। वहीं, कैल्शियम की कमी से नाखून सूखते हैं व कमजोर होकर टूटने लगते हैं। बचाव के लिए कैल्शियम और आयरन से भरपूर डाइट लेनी चाहिए। दूध, पनीर, दही, डेयरी उत्पाद, गुड़-चना, ब्रोकली, ड्राई फ्रूट, संतरा, कीवी, अंजीर, खजूर, पाइनएप्पल आदि का सेवन करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर रोज एक आयरन की गोली व सिरप भी ले सकते हैं।

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